Arya Samaj : Andheri
 

वेद की गरिमा आर्यसमाज ने ही बढाई है | महर्षि दयानंद ने वेद का भाष्य कर सही अर्थ प्रस्तुत किये |

 

स्त्रियों को समाज में फिर सम्मानजनक स्थान महर्षि दयानंद के प्रयत्नों से ही मिला | बाल विवाह निषेध, स्त्री शिक्षा, विधवा विवाह के कार्यों को सफलता पूर्वक आर्यसमाजने कर दिखाया है |

 

समाजसुधार के व्यापक आदोंलनों में आर्यसमाज को सर्वप्रथम सफलता मिली है | आर्यसमाज हमेशा समाज सेवा के कार्यो में अग्रणी रहा है प्राकृतिक आपत्ति के समय उसने अपने पुनीत कर्तव्य का निर्वाह किया है | सन् 2000 में सौराष्ट्र में सूखा राहत कार्य पर 75 लाख रुपये खर्च किये | मोरबी बाढ़, लातूर भूकंप, कांडला तूफान, कारगिल युद्ध, उडीसा तूफान, गुजरात के भूकंप-मुंबई की बाढ हमेशा आर्यसमाज ने सेवा की है |

 

विधर्मियों द्वारा किये जा रहे व्यापक धर्म परिवर्तन को रोककर लाखों हिंदुओं को मुसलमान व ईसाई बनने से रोका है | इतना ही नहीं तत्कालीन कट्टर हिंदुओं के विरोध के बावजूद लाखों बिछुडे भाईयों को मुसलमान/ईसाई में से फिर हिंदू बनाया है यह कार्य अभी भी जोरों से चल रहा है | इस कार्य से आज हिंदू प्रजा सुरक्षित है |

 

राष्ट्रवादी संगठन होने के कारण आर्य समाज ने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रियता से भाग लिया | लाला लाजपतराय, पं रामप्रसाद बिस्मिल वीर भगतसिंह, भाई परमानंद, स्वामी श्रध्दानंद जैसे अनेक सपूत आर्य समाज की ही देन थे | स्वतंत्रता सेनानियों में 85% आर्यसमाजी थे |

 

शिक्षा के प्रचार में आर्यसमाज का कार्य बेमिसाल रहा है |

 
For more info: Acharya Hariomji 9820891985
 
 
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