Arya Samaj : Andheri
 

यह पर्व अग्स्त मास मे मनाते है । वेद का पढ्ना-पढाना और सुनना-सुनाना सब आर्यो का परम धर्म है। श्रावणी उपाकर्म का सामान्य अर्थ है वेदाध्ययन करना वेदाध्ययन के लिये प्र्व्रुत होना यह हमारा परमधर्म है। एक धर्म होता है दूसरा परमधर्म । एक आत्मा होता है दूसरा परमात्मा। इसका भेद स्पष्ट करने के लिये यह पर्याप्त है।

 

एक दुकानदार इमानदारी से दाम बताता है वह मूह मागें दाम लेता है यह उसका धर्म है। वह सही तौलता है , सही चीज देता है ग्राहक को धोखा नही देता है बुरा नही चाह्ता है यह उसका परम धर्म है। बस वेदों मे यही कहा है - तू मनुष्य बन, अपना कल्याण कर, पडॊसी का कल्याण कर, राष्ट्र का कल्याण कर सारे संसार का उपकार कर। वेद कथा का आयोजन हम यही सीखने सिखाने के लिये करते है । जिसमें सम्मलित होकर आप सभी धर्मलाभ उठा सकते है अत: आप सादर आमन्त्रित है॥
 
 

 
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